Last Updated: September 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

Neem Karoli Baba : नीम करोली बाबा के कंबल का क्या है रहस्य, आखिर क्‍यों कंबल चढ़ातें हैं भक्त…

June 15, 2025

Neem Karoli Baba : नीम करोली बाबा के कंबल का क्या है रहस्य, आखिर क्‍यों कंबल चढ़ातें हैं भक्त…

नेशनल डेस्क : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम आज देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था और चमत्कार का केंद्र बन चुका है। यहां स्थित आश्रम के संस्थापक बाबा नीम करोली माने जाते हैं, जो अपने सादे जीवन और अलौकिक चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध थे। कैंची धाम में हर साल 15 जून को बाबा नीम करौली महाराज के मंदिर का स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन देशभर से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए आते हैं और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस दिन की खासियत यह है कि यहां भक्तों की भीड़ बहुत ज्यादा होती है और भक्त बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचते हैं। बाबा को उनके अनुयायी “कंबल वाले बाबा” के नाम से भी जानते हैं। इस बीच आज हम यह जानेंगे कि जो भक्त कैंची धाम जाते है वो नीम करोली बाबा को कंबल क्यों चढ़ाते है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

कई चमत्कारों का माध्यम है कंबल 

आपको बता दें कि नीम करोली बाबा हमेशा एक साधारण सफेद धोती पहनते थे और ऊपर एक कंबल ओढ़ते थे। कहा जाता है कि उनका वही कंबल कई बार चमत्कारों का माध्यम बना। उनकी जीवनी और अनुयायियों की किताबों में अनेक प्रसंग मिलते हैं, जिनमें बाबा ने अपने कंबल से असाध्य रोगों को ठीक किया, लोगों की समस्याओं का समाधान किया, और संकटों से मुक्ति दिलाई। कई श्रद्धालु आज भी मानते हैं कि यदि किसी के घर में कोई बीमार है या संकट में है, तो कैंची धाम में बाबा को कंबल अर्पित करने से रोग-मुक्ति मिलती है। यह कंबल फिर श्रद्धा के साथ अपने घर की पवित्र जगह पर रखा जाता है और उसमें आस्था होती है कि बाबा की कृपा बनी रहेगी।

आस्था, शांति और श्रद्धा का संगम

कैंची धाम आश्रम एक शांत और दिव्य स्थान है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां न केवल भारत से, बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी लोग आते हैं। इस धाम की खास बात यह है कि यहां आम लोगों से लेकर कई बड़े-बड़े कारोबारी, अभिनेता और तकनीकी दिग्गज भी दर्शन को पहुंचते हैं। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और एप्पल के दिवंगत संस्थापक स्टीव जॉब्स जैसे वैश्विक नामों का भी कैंची धाम से जुड़ाव रहा है। स्टीव जॉब्स के बारे में कहा जाता है कि वे 1970 के दशक में भारत आए थे और बाबा के आश्रम पहुंचे थे। उसी प्रेरणा से बाद में जुकरबर्ग भी यहां आए थे।

बाबा नीम करोली का कंबल आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था, चमत्कार और सुरक्षा का प्रतीक बना हुआ है। कैंची धाम न केवल आध्यात्मिकता का केंद्र है, बल्कि यह बताता है कि सच्चे श्रद्धा भाव और साधना से किसी भी संकट से पार पाया जा सकता है। बाबा की सादगी और करुणा आज भी लोगों के जीवन में ऊर्जा और विश्वास भरती है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें