नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला में दोनों मैच में करारी पराजय झेलने के बाद घरेलू स्तर के कुछ विशेषज्ञ खिलाड़ियों को भारतीय टैस्ट टीम में जगह मिल सकती है क्योंकि अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के प्रति अपने रवैये में बदलाव करने के लिए तैयार है। पिछले 3 दशक में राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाजों ने नंबर तीन पर अपनी भूमिका बखूबी निभाई थी लेकिन अब यह स्थान दांव पर लगा है।
करुण नायर इंगलैंड में 4 टैस्ट मैच खेलने के बावजूद प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे जबकि बी साई सुदर्शन ने 11 पारियों में 27 की औसत से यह दिखा दिया है कि वह अभी भी प्रगति की राह पर हैं। सुदर्शन के साथ तकनीक से जुड़ी कुछ समस्याएं हैं विशेष कर उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिन गेंदबाजों के सामने उनकी कमजोरी खुलकर उजागर हो गई है। इस बात की प्रबल संभावना है कि चयन समिति अब बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए घरेलू स्तर के कुछ सीनियर खिलाड़ियों के नाम पर गंभीरता से विचार करेगी।
घरेलू क्रिकेट में अनुभवी 3 खिलाड़ी रुतुराज गायकवाड़, रजत पाटीदार और रिंकू सिंह टीम प्रबंधन का ध्यान अपनी तरफ खींच सकते हैं। लाल गेंद के नए खिलाड़ियों में स्मरण रविचंद्रन (प्रथम श्रेणी औसत 78) और यश राठौड़ (पिछले रणजी सत्र में 960 रन) ने मध्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्तमान समय में भारत को नंबर तीन पर एक मजबूत बल्लेबाज की जरूरत है। इसके अलावा उसे नंबर पांच पर भी एक अच्छे रिजर्व बल्लेबाज की जरूरत है। जहां तक नंबर तीन का सवाल है तो रुतुराज गायकवाड़ इस स्थान के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
उन्होंने अभी तक 43 प्रथम श्रेणी मैच में 45 से अधिक की औसत से रन बनाए हैं। वह इस सत्र में पहले ही 2 शतक और रणजी ट्रॉफी में 90 से अधिक की औसत से रन बना चुके हैं। वह तीसरे स्थान के लिए सही मानसिकता वाले खिलाड़ी नजर आते हैं। दूसरा नाम रजत पाटीदार का है, जिनका टैस्ट मैचों में पहला प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका औसत भी 45 से अधिक है और वह भारतीय मध्य क्रम को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। एक और खिलाड़ी रिंकू सिंह है जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगभग 60 की औसत से रन बनाए हैं।

