Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। टेस्ट क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी।
रहाणे काफी समय से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने आखिरी बार साल 2023 में भारत के लिए इंटरनेशनल मैच खेला था। इसके बाद टीम में उनकी वापसी नहीं हो पाई। हाल ही में टेस्ट टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय सफर को खत्म करने का फैसला किया।
टेस्ट क्रिकेट में बनाई खास पहचान
अजिंक्य रहाणे को टेस्ट क्रिकेट के शानदार बल्लेबाजों में शामिल किया जाता है। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन सबसे ज्यादा यादगार रहा।

बता दें कि रहाणे ने साल 2013 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले और 5077 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 12 शतक और 26 अर्धशतक लगाए। वनडे क्रिकेट में रहाणे ने 90 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2962 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनके नाम 3 शतक और 24 अर्धशतक हैं। वहीं, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 20 मैच खेले और 375 रन बनाए।
कप्तानी में भी छोड़ी छाप
इतना ही नही अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम की कप्तानी भी की और कई मुश्किल मौकों पर टीम को संभाला। उन्होंने कुल 6 टेस्ट मैचों में भारत की कमान संभाली, जिसमें टीम ने 4 मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था और ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
वीडियो संदेश में दिखी भावनाएं
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने एक भावुक वीडियो साझा किया। उन्होंने भारतीय टीम के साथ बिताए यादगार पलों को याद किया और कहा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।
रहाणे ने अपने संदेश में कहा कि हर सफर की एक शुरुआत होती है और एक अंत भी। जब सही समय आता है तो उस फैसले को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा।
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान, शांत स्वभाव और मुश्किल परिस्थितियों में टीम के लिए खड़े रहने की उनकी क्षमता को हमेशा याद किया जाएगा।