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Arshdeep Singh: दलीप ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन कर भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने की कोशिश में अर्शदीप

Arshdeep Singh

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Arshdeep Singh: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इन दिनों दिलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की ओर से खेल रहे हैं। वेस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 4 विकेट हासिल किए और अपनी टीम की 52 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के जरिए अर्शदीप ने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी क्षमता और फिटनेस का मजबूत संकेत दिया है।

अर्शदीप सिंह अब तक भारत के लिए 18 वनडे और 91 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का इंतजार है। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में लगातार व्यस्त रहने के कारण उन्हें लाल गेंद से खेलने के कम मौके मिले हैं। यही वजह है कि अपने 22वें और 23वें फर्स्ट-क्लास मैच के बीच उन्हें करीब एक साल का इंतजार करना पड़ा।

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बेंगलुरु में वेस्ट जोन के खिलाफ मुकाबला अर्शदीप के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका था। उन्होंने पहली पारी में 3/53 और दूसरी पारी में 1/40 के आंकड़े दर्ज किए। दोनों पारियों में लगातार प्रभावी गेंदबाजी करते हुए उन्होंने नॉर्थ जोन को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अर्शदीप ने कहा कि वह ऐसे मौकों का इस्तेमाल यह देखने के लिए करना चाहते हैं कि वह लंबे स्पेल में कितने ओवर गेंदबाजी कर सकते हैं।

अर्शदीप के मुताबिक, दिलीप ट्रॉफी से पहले उन्होंने अपनी ट्रेनिंग में बदलाव किया था और रेड-बॉल क्रिकेट पर खास ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी सीजन से पहले उनकी तैयारी उसी फॉर्मेट के हिसाब से होती है, जिसमें उन्हें खेलना होता है। लंबे समय बाद लाल गेंद से मैच खेलने के बावजूद उन्हें अपनी लय अच्छी लगी। मैच के बाद शरीर में दर्द जरूर था, लेकिन टीम की जीत के कारण यह दर्द उन्हें अच्छा लगा।

रेड-बॉल क्रिकेट को लेकर अर्शदीप ने कहा कि इसकी सबसे खास बात यह है कि गेंदबाज को बल्लेबाज को चुनौती देने के लिए बार-बार मौके मिलते हैं। उनके हेड कोच अजय शर्मा ने भी उन्हें यही बात समझाई थी कि नई गेंद से विकेट नहीं मिलने पर दूसरे स्पेल में वापसी का मौका रहता है। अर्शदीप का मानना है कि ऐसी पिचों पर धैर्य के साथ सही लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है, जबकि कम मददगार पिचों पर फील्ड के हिसाब से रणनीति बदलनी पड़ती है।

अर्शदीप पहले भी 2023 में केंट के लिए पांच मैचों में काउंटी क्रिकेट खेल चुके हैं और उनका मानना है कि इंग्लैंड में रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव काफी उपयोगी है। हालांकि, आईपीएल, घरेलू व्हाइट-बॉल सीजन और घरेलू क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण फिलहाल काउंटी क्रिकेट खेलना मुश्किल है। दिलीप ट्रॉफी में मौजूदा प्रदर्शन के साथ अर्शदीप अब टेस्ट क्रिकेट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं और यह साबित करना चाहते हैं कि उनमें लंबे फॉर्मेट के लिए जरूरी कौशल, धैर्य और स्टैमिना मौजूद है।

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