Bat size rules: क्रिकेट के मैदान पर अब सिर्फ खिलाड़ियों की तकनीक ही नहीं, उनके उपकारणों की भी सख्त निगरानी की जा रही है। हाल के वर्षों में आपने देखा होगा कि अंपायर मैच शुरू होने से पहले बल्लेबाजों के बल्लों की जांच करते हैं। यह प्रक्रिया महज औपचारिकता नहीं, बल्कि खेल की निष्पक्षता बनाए रखने का अहम हिस्सा है।
बल्ले के साइज पर सख्त नियम
ICC के नियम 5 के अनुसार बल्ले की अधिकतम लंबाई 38 इंच (96.52 सेमी) होती है, जिसमें हैंडल भी शामिल होता है। वहीं इसकी चौड़ाई 4.25 इंच (10.8 सेमी) से अधिक नहीं हो सकती। मोटाई को लेकर भी सीमा तय की गई है। बल्ले की मोटाई लगभग 1.57 इंच (करीब 40 मिमी) और गहराई 67 मिमी तक सीमित रखी गई है। इन नियमों का उद्देश्य है कि कोई भी बल्लेबाज अनुचित लाभ न उठा सके।
कितना होना चाहिए वजन
दिलचस्प बात यह है कि बल्ले के वजन को लेकर आईसीसी ने कोई सख्त नियम नहीं बनाया है। हालांकि, तय आकार के कारण बल्ले का वजन एक सीमा में ही रहता है। आम तौर पर पुरुष खिलाड़ियों के बल्ले का वजन 1.1 से 1.3 किलोग्राम के बीच होता है, जबकि महिला खिलाड़ियों के बल्ले 1 से 1.15 किलोग्राम तक होते हैं।
दिग्गजों की पसंद भारी बल्ला
क्रिकेट इतिहास में कई बड़े बल्लेबाज भारी बल्ले का इस्तेमाल करते रहे हैं। सचिन तेंदुलकर का बल्ला लगभग 1.47 किलोग्राम का हुआ करता था। यह अपने समय में सबसे भारी माना जाता था। वहीं धोनी भी भारी बल्ले के लिए जाने जाते हैं। मौजूदा दौर में विराट कोहली हल्के (1.1–1.2 किलोग्राम) बल्ले का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बेहतर नियंत्रण और शॉट चयन में मदद मिलती है।
गेज टेस्ट क्या है?
मैच से पहले अंपायर जिस प्रक्रिया से बल्ले की जांच करते हैं, उसे गेज टेस्ट कहा जाता है। इसमें एक खास फ्रेम का इस्तेमाल किया जाता है। बल्ला इस फ्रेम से आसानी से गुजरना चाहिए।
अगर बल्ला इस टेस्ट में फेल हो जाता है, तो खिलाड़ी को तुरंत दूसरा बल्ला लेना पड़ता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बल्लेबाज तय सीमा से ज्यादा मोटा या चौड़ा बल्ला इस्तेमाल न करे।
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