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कोस्टास के खेल का आक्रामक अंदाज टीम इंडिया के लिए नया था : Alex Carey

Alex Carey : सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने टेस्ट डेब्यू करने वाले सैम कोंस्टास के मेलबर्न टेस्ट में शानदार प्रदर्शन पर चर्चा की। कैरी ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने ऐसा क्रिकेट खेला, जो शायद भारतीय टीम के लिए नया था।

19 साल की उम्र में, कोंस्टास को मेलबर्न टेस्ट के लिए टीम में शामिल करना सभी के लिए एक चौंकाने वाला फैसला था। लेकिन उन्होंने पहले ही दिन अपने आक्रामक अर्धशतक से इस चयन को सही साबित कर दिया। उनकी निर्भीक बल्लेबाजी ने भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को चुनौती दी, जिनके शुरुआती स्पेल में उन्होंने 34 गेंदों पर 33 रन बनाए। उनकी सबसे बड़ी खासियत थी उनके साहसिक रैम्प शॉट्स, जिनमें एक ओवर में तीन चौके भी शामिल थे।

एलेक्स कैरी ने कहा, ‘मैं पहले सेशन में दर्शक की तरह था। कभी आंखें बंद कर लेता, तो कभी जोश में चीयर करता। वहां मौजूद 90,000 लोगों के जैसे ही मेरे भाव थे।‘

ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम ने पहले तीन टेस्ट में संघर्ष किया था। उस्मान ख्वाजा और नाथन मैकस्वीनी रन बनाने में सफल नहीं हो पा रहे थे। लेकिन कोंस्टास की एंट्री ने ओपनिंग साझेदारी में नई जान डाल दी।

कैरी ने कहा, ‘उसने टीम में ऊर्ज भर दी। उसने ऐसा क्रिकेट खेला, जो शायद भारत ने पहले नहीं देखा था। हर मैच में यह उसका खेल नहीं होगा, लेकिन शुरुआत में आक्रामक होकर हमारे लिए मोमेंटम बनाया। यही हमारी ओपनिंग पार्टनरशिप में कमी थी।‘

कोंस्टास की धमाकेदार शुरुआत विवादों से भी घिरी रही। पहले दिन भारतीय स्टार विराट कोहली से कंधे की टक्कर पर बहस हो गई, जिसके कारण कोहली पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगा। हालांकि, बाद में दोनों ने हाथ मिलाकर बात खत्म कर दी।

कैरी ने कहा, ‘मैंने उनकी हाथ मिलाने की फोटो देखी। ये टेस्ट क्रिकेट है। सैम ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।‘

ऑस्ट्रेलिया फिलहाल सीरीज में 2-1 से आगे है और लगभग एक दशक बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने के करीब है। सिडनी में जीत न केवल उन्हें ट्रॉफी दिलाएगी बल्कि जून में लॉर्डस में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वल्र्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह भी पक्की करेगी।

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