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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान Michael Clarke को हुआ स्किन कैंसर, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

Michael Clarke Skin Cancer : क्रिकेट की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा हमेशा से ही अलग रहा है। यहां के खिलाड़ी अक्सर अपने करियर में आईसीसी खिताब जीतकर ही रिटायर होते हैं। इन्हीं दिग्गजों में से एक नाम है माइकल क्लार्क का, जिन्होंने 2015 में ऑस्ट्रेलियाई टीम को वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। अब यह महान क्रिकेटर एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी है।

स्किन कैंसर से जूझ रहे हैं क्लार्क

माइकल क्लार्क ने बताया कि उन्हें त्वचा कैंसर (स्किन कैंसर) हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी नाक से एक और कैंसर निकाला गया है। क्लार्क ने अपने पोस्ट के जरिए फैंस और आम लोगों को संदेश दिया कि सभी को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “रोकथाम इलाज से बेहतर है और शुरुआती पहचान इस बीमारी से लड़ने के लिए बेहद जरूरी है।” ऑस्ट्रेलिया में त्वचा कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ते हैं और इसे गंभीरता से लेना जरूरी है।

क्लार्क का शानदार टेस्ट करियर

माइकल क्लार्क ने अपने करियर में कुल 115 टेस्ट मैच खेले। इन मैचों की 198 पारियों में उन्होंने 8643 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में क्लार्क ने 28 शतक और 27 अर्धशतक लगाए। इतना ही नहीं उन्होंने टेस्ट में एक तिहरा शतक भी जड़ा है, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

वनडे करियर में भी छोड़ी छाप

वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में क्लार्क का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। उन्होंने 245 वनडे मैचों में 7981 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 8 शतक और 58 अर्धशतक निकले। 2015 वर्ल्ड कप में उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था और फाइनल में भी उन्होंने अहम पारी खेली थी।

टी20 और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन

हालांकि माइकल क्लार्क ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट ज्यादा नहीं खेला, लेकिन उन्होंने जहां मौका मिला वहां अच्छा प्रदर्शन किया। क्लार्क ने 34 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले और इसमें 488 रन बनाए। उनके नाम एक अर्धशतक भी दर्ज है। वहीं, घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा है।

दो बार बने वर्ल्ड चैंपियन

क्लार्क का नाम ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने दो आईसीसी वर्ल्ड कप अपने नाम किए। साल 2007 में वह खिलाड़ी के तौर पर वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे, जबकि 2015 में कप्तान के रूप में ऑस्ट्रेलिया को खिताब दिलाया।

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