Rishabh Pant Punished : भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए लीड्स टेस्ट मैच किसी सपने से कम नहीं रहा। उन्होंने इस मुकाबले की दोनों पारियों में शतक जमाकर इतिहास रच दिया। पंत ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे विकेटकीपर बने हैं। वहीं, विदेशी ज़मीन पर टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले वह पहले विकेटकीपर हैं। हालांकि मैच का नतीजा अभी बाकी है क्योंकि खेल का आखिरी दिन बाकी है, लेकिन पंत ने अपनी बल्लेबाज़ी से सबका दिल जीत लिया।
अंपायर से नाराज़गी पड़ी भारी, आईसीसी ने लगाई फटकार
जहां एक तरफ पंत की बल्लेबाज़ी ने तारीफें बटोरीं, वहीं दूसरी तरफ उनका व्यवहार विवाद का विषय बन गया। मैच के दौरान इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी के समय पंत ने अंपायर के फैसले पर नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने बॉल गेज से गेंद निकालने की बात कही, जो अंपायर ने एक बार मान ली। लेकिन जब पंत ने दोबारा ऐसा करने को कहा और अंपायर ने मना कर दिया, तो उन्होंने नाराज़ होकर गेंद को ज़मीन पर ज़ोर से पटक दिया। यह हरकत आईसीसी के नियमों के खिलाफ मानी गई।
आईसीसी ने माना लेवल 1 उल्लंघन, जुड़ा डिमेरिट प्वाइंट
बता दें कि आईसीसी ने इस घटना को लेवल 1 का उल्लंघन मानते हुए ऋषभ पंत को आधिकारिक रूप से चेतावनी दी है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट जोड़ दिया गया है। हालांकि इस फटकार से फिलहाल पंत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक पंत ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिससे मामले को यहीं समाप्त कर दिया गया है।
क्या होता है डिमेरिट प्वाइंट का असर?
डिमेरिट प्वाइंट का मतलब यह नहीं कि तुरंत किसी खिलाड़ी को सजा दी जाएगी, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी दो साल के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट प्वाइंट्स हासिल कर लेता है, तो उस पर एक या एक से अधिक मैचों का बैन लगाया जा सकता है। पंत को यह पहला डिमेरिट प्वाइंट मिला है।
बल्लेबाज़ी में फिर दिखा पंत का दम
ऋषभ पंत ने इस टेस्ट की पहली पारी में 178 गेंदों पर 134 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। दूसरी पारी में भी उन्होंने अपना जलवा बरकरार रखा और 140 गेंदों पर 118 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 3 छक्के शामिल थे। पंत अब उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ा है।