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‘इस फॉर्मेट में आप सफल होने से ज्यादा फेल होते हैं’, T20 क्रिकेट में आए बदलाव पर डेल स्टेन का बड़ा बयान

Dale Steyn T20 Cricket

Dale Steyn T20 Cricket

साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि टी20 फॉर्मेट में आप सफल होने से ज्यादा फेल होते हैं। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब क्रिकेट काफी बदल चुका है। स्टेन के अनुसार, अब बल्लेबाज को पहले के मुकाबले खराब शॉट खेलकर आउट होने पर खरी-खोटी नहीं सुननी पड़ती है।

स्टेन ने ‘आईएएनएस’ के साथ बातचीत करते हुए पहले और अब के समय में क्रिकेट में आए बदलाव को लेकर बात की। विराट कोहली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनके दौर में बल्लेबाज या गेंदबाज हर साल अपने खेल को बेहतर करने का प्रयास करते थे। हालांकि, अब टी20 क्रिकेट के लगातार विकसित होने के बाद खिलाड़ी, टीम मैनेजमेंट या कोच इस बात को समझते हैं कि इस फॉर्मेट में खिलाड़ी सफल होने से ज्यादा फेल होता है।

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स्टेन ने कहा कि टी20 क्रिकेट में कुछ सीजन आपके लिए अच्छे नहीं रहेंगे, लेकिन कुछ सीजन ऐसे आएंगे जब आप बहुत बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने गेंदबाजों के बढ़ते इकोनॉमी रेट पर बात करते हुए कहा कि पहले के समय में कमेंट्री बॉक्स में बैठे कमेंटेटर्स या कोच गेंदबाजों को इस बात पर जज करते थे और इकोनॉमी को कम करने की बात कहते थे। हालांकि, स्टेन ने कहा कि अब कोच और कमेंटेटर्स इस बात को अच्छे से जानते हैं कि इस फॉर्मेट में विकेट लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

साउथ अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि अब बल्लेबाज को यह डर नहीं है कि अगर वह खराब शॉट खेलेंगे, तो उन्हें टीवी पर कमेंटेटर्स या फिर कोच द्वारा फटकार लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले अगर कोई बल्लेबाज खराब शॉट खेलकर आउट हो जाता था, तो उसकी चर्चा एक हफ्ते तक होती थी। हालांकि, अब ऐसा नहीं होता है। स्टेन ने कहा कि अब हम इस बात को समझ पा रहे हैं कि गेम इसी तरह से विकसित हो रहा है।

स्टेन ने कहा कि कमेंटेटर्स, कोच, क्रिकेट विशेषज्ञ और खिलाड़ियों के बीच बने तालमेल और रिश्ते के कारण बल्लेबाज या फिर गेंदबाज अपने हिसाब से बिना डरे क्रिकेट खेल पाते हैं। स्टेन ने कहा कि इसी कारण अब वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी क्रीज पर आते ही पहली गेंद पर छक्का लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले के समय में सनत जयसूर्या, वीरेंद्र सहवाग या फिर कुछ चुनिंदा बल्लेबाज ही ऐसे थे, जो यह काम करते थे। उन्होंने कहा कि अब गेंदबाजों को इकोनॉमी से ज्यादा विकेट लेने पर ध्यान देने के लिए कहा जाता है।

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