जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम टेस्ट में दोहरा शतक जड़ा जबकि गिल ने दूसरी पारी में शतक लगाकर भारत को पांच मैचों की श्रृंखला में 1 . 1 से बराबरी दिलाई। हर प्रारूप में खेलने वाले सबसे सफल खिलाड़ियों में रहे स्मिथ ने दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘भारतीय क्रिकेट के पास प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इन दोनों खिलाड़ियों के हुनर को आईपीएल ने मंच दिया था और वे इतने प्रतिभावान थे कि अब टेस्ट में भी अच्छा खेल रहे हैं।’’
दक्षिण अफ्रीका के लिये 117 टेस्ट में 9265, 197 वनडे में 6989 और 33 टी20 में 982 रन बनाने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा ,‘‘ अब प्रतिभायें कई मंचों से आ रही है और अगर आप में हुनर है तो आप हर प्रारूप में खेल सकते हैं। अपने देश के सबसे सफल टेस्ट क्रिकेटरों में होने के बावजूद स्मिथ का मानना है कि खेल के विकास और उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिये टी20 जरूरी है।
‘बेतवे दक्षिण अफ्रीका20’ लीग के कमिश्नर ने कहा, ‘‘ मुझे टेस्ट क्रिकेट पसंद है और मैं चाहता हूं कि यह मजबूत रहे लेकिन यह प्रारूप कम देश खेलते हैं। टी20 क्रिकेट से खेल को नये दर्शक , नये खिलाड़ी और नये बाजार मिल रहे हैं । दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिये भी जरूरी है कि हमारी अपनी लीग इस प्लेटफार्म का काम करे।’’ कभी बेहतरीन टेस्ट क्रिकेटर देने वाली दक्षिण अफ्रीका टीम के टेस्ट क्रिकेट में हालिया प्रदर्शन से मायूस स्मिथ ने कहा
हम एमसीसी क्रिकेट समिति की बैठकों में भी बात करते हैं कि राजस्व साझा करने का मॉडल क्या होना चाहिये कि सभी देश आर्थिक रूप से इतने मजबूत हों कि टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहें । खिलाड़ियों को लगता है कि टी20 में ज्यादा पैसा है और वे उसे तरजीह देते हैं जिससे दूसरे प्रारूप पर असर पड़ता है ।’’ वनडे क्रिकेट की चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ हाल ही में भारत में इतना कामयाब विश्व कप हुआ लेकिन वनडे क्रिकेट के लिये चुनौती यह है कि विश्व कप के बाद कैलेंडर में उसकी जगह खो जाती है।
न्यूजीलैंड दौरे के लिये दक्षिण अफ्रीका की दोयम दर्जे की टेस्ट टीम भेजने को लेकर हो रही आलोचना पर उन्होंने कहा ,‘‘शेड्यूलिंग हमेशा एक चुनौती रहेगी और भविष्य में संतुलन का ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ विराट और रोहित भारतीय क्रिकेट के धुरंधर हैं ।भारत के भावी कप्तान के बारे में पूछने पर मात्र 22 वर्ष में कप्तान बने स्मिथ ने कोई नाम लिये बिना कहा ,‘‘भारत की कप्तानी करना आसान नहीं है ।ऐसा कोई चाहिये जो इतनी अपेक्षाओं और दबाव का सामना कर सके। यह काफी जिम्मेदारी का काम है।’

