नई दिल्ली: इंग्लैंड की इंटरनेशनल क्रिकेटर नताशा फैरेंट ने महज 29 साल की उम्र में अपना प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। वह बार-बार होने वाली पीठ की चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रही थीं, जिसने उन्हें कुछ वर्षों से परेशानी में रखा था।
फैरेंट घरेलू टूर्नामेंट में सरे काउंटी क्रिकेट क्लब और ओवल इनर्विसिबल्स के लिए खेली हैं। उन्हें 4 साल पहले यह चोट लगी थी, तभी से वह इस परेशानी से लगातार गुजर रही हैं। इस समस्या के चलते वह शुरू में पूरे एक साल तक बाहर रही थीं।
फैरेंट ने कम उम्र से ही जबरदस्त टैलेंट दिखाया और 2013-14 के ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान एशेज जीतने वाली इंग्लैंड की टीम में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं, जो इंग्लैंड महिला क्रिकेट के लिए उनका डेब्यू था। बाद में वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा परफॉर्म करने लगीं, और सदर्न वाइपर्स के साथ दो बार महिला सुपर लीग जीतकर काफी सफलता हासिल की।
2021 में ‘द हंड्रेड’ के पहले संस्करण में भी फैरेंट का प्रभाव साफ दिखा। उन्होंने ओवल इनर्विसिबल्स को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। फैरेंट ने टूर्नामेंट में 18 विकेट लेकर शीर्ष गेंदबाजों में जगह बनाई।
फैरेंट ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए कहा, “मुझे मिले शानदार सपोर्ट और चोट से उबरने की मेरी पूरी कोशिशों के बावजूद, मैंने यह मान लिया है कि अब उस स्तर के प्रदर्शन तक नहीं पहुंच सकती जो जरूरी स्तर पर मुकाबला करने के लिए अनिवार्य है। मैंने अपने लिए जो ऊंचे मानक तय किए थे, उन पर परफॉर्म नहीं कर पाना, और लगातार चोट के मानसिक और शारीरिक असर ने आखिरकार इस अध्याय को खत्म कर दिया है।”
अपने खेलने के करियर के अलावा, फैरेंट ने क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग और मीडिया में भी अपनी पहचान बनाना शुरू कर दिया है। अपने भविष्य के बारे में सोचते हुए, उन्होंने एक अलग तरीके से खेल से जुड़े रहने की इच्छा जताई और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘वह खेल मेरे लिए बहुत मायने रखता है जिसमें वे शामिल रहेंगी।’

