स्पोर्ट्स डेस्क: पूर्व भारतीय क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। वह 96 वर्ष के थे। उन्होंने चेन्नई के अड्यार इलाके में अपनी बेटी के घर अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। वे 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा रहे आखिरी जीवित खिलाड़ी थे।
शानदार करियर की झलक
सीडी गोपीनाथ ने 1951-52 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अपने पहले ही मैच में उन्होंने 50 नाबाद और 42 रन की शानदार पारियां खेलकर सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने 1960 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। अपने 9 साल के करियर में उन्होंने 8 टेस्ट मैचों में 242 रन बनाए और 1 विकेट भी लिया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और भी बेहतरीन रहा। उन्होंने 83 मैचों में 4259 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 14 विकेट भी हासिल किए।
ऐतिहासिक जीत में अहम योगदान
सीडी गोपीनाथ उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 1952 में चेन्नई में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी। उस मैच में उन्होंने 35 रन बनाए और ब्रायन स्टैथम का महत्वपूर्ण कैच पकड़ा। उस मुकाबले में वीनू मांकड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
क्रिकेट के बाद भी जुड़ाव
खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद भी गोपीनाथ क्रिकेट से जुड़े रहे। उन्होंने भारतीय टीम के चयनकर्ता और मैनेजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उनका योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर भी क्रिकेट को मजबूत करने में मदद की।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गोपीनाथ उस दौर के खिलाड़ी थे, जब भारतीय क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा था। उन्होंने देश और घरेलू क्रिकेट दोनों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन ने भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का अग्रदूत बताया और कहा कि उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।
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