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मैं न तो बागी हूं और न ही नए मानदंड स्थापित किए: Sania Mirza

दुबई : भारतीय टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी सानिया मिर्जा को जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने का कोई मलाल नहीं है। कई लोग सानिया को नए मानदंड स्थापित करने वाले मानते है जबकि कुछ उन्हें बंधनों को तोड़ने वाला करार देते हैं। खुद सानिया हालांकि इन बातों से इत्तेफाक नहीं रखती। उनका मानना है कि वह बस ‘अपनी शर्तों पर’ जीवन जीना चाहती है।

सानिया ने टेनिस में आश्चर्यजनक सफलता हासिल की है जिसके आसपास कोई भी भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी नहीं है। मौजूदा खिलाड़ियों को भी देखें तो निकट भविष्य में सानिया के बराबर सफलता हासिल करने की कुव्वत किसी में भी नजर नहीं आ रही है। सानिया ने एक प्रेरक जीवन जिया है। सानिया ने कहा, मां बनने के बाद मैंने खेल में वापसी की क्योंकि मैं यह दिखाना चाहती थी कि मां बनने के बाद भी आप चैम्पियन बन सकते हैं।

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