Last Updated: October 7, 2026

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यदि Rohit Sharma संन्यास लेते हैं तो मुझे हैरानी नहीं होगी : Ravi Shastri

January 2, 2025

यदि Rohit Sharma संन्यास लेते हैं तो मुझे हैरानी नहीं होगी : Ravi Shastri

Ravi Shastri : भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि अगर कप्तान रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लेते हैं तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर रोहित का आखिरी मैच अच्छा रहता है तो उन्हें इस प्रारूप से खुशी-खुशी विदायी ले लेनी चाहिए। सिडनी में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के अंतिम टेस्ट की पूर्व संध्या पर रोहित के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं, जहां मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहले दिन के खेल से पहले पिच को देखने के बाद प्लेइंग इलेवन का फैसला किया जाएगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि शुक्रवार से शुरू होने वाले मैच में भारतीय कप्तान का खेलना तय है या नहीं।

मौजूदा सीरीज में रोहित ने तीन मैचों में 6.2 की औसत से सिर्फ 31 रन बनाए हैं। उन्होंने कहा, कि वह अपने करियर को लेकर फैसला करेंगे लेकिन मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं होगा (अगर शर्मा संन्यास लेते हैं) क्योंकि उनकी उम्र कम नहीं हो रही है। विंग्स में अन्य युवा खिलाड़ी भी हैं, शुभमन गिल, जो वर्ष 2024 में 40 से अधिक औसत वाले अपने स्तर के खिलाड़ी हैं और खेल नहीं रहे हैं।’’

‘‘यह आपके दिमाग को चकरा देता है कि वह बेंच पर बैठकर क्या कर रहा है। इसलिए मुझे आश्चर्य नहीं होगा, लेकिन यह उसका फैसला है। दिन के अंत में, यदि भारत विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (फाइनल) के लिए क्वालीफाई कर लेता है या यदि वे अभी भी फाइनल के लिए क्वालीफाई करते, तो यह पूरी तरह से एक और बात है।’’ ‘‘अन्यथा, मुझे लगता है कि यह सिर्फ सही समय हो सकता है – लेकिन (यदि शर्मा खेलते हैं) तो उन्हें शानदार प्रदर्शन करना चाहिए। यदि मैं रोहित शर्मा के आसपास होता, तो मैं उनसे कहता, ‘बस जाओ और धमाका करो। बस मैदान पर जाओ और धमाका करो’।

रवि शास्त्री ने कहा, कि ‘ठीक वैसे ही जैसे जब आप इस समय जिस तरह से खेलने की कोशिश कर रहे होते हैं, वह अच्छा नहीं लगता। मैदान पर जाओ और विपक्ष पर हमला करो और फिर देखते हैं क्या होता है।’ उन्हें यह भी लगता है कि रोहित का रेड-बॉल फॉर्म पिछले कुछ महीनों में अपने स्वाभाविक खेल को नहीं खेलने के कारण गिर गया है, और उन्होंने उनकी स्थिति की तुलना ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के संघर्ष से की।

‘‘मुझे लगता है कि जब मैं बाहर से देखता हूं, तो मुझे लगता है कि वह गेंद पर थोड़ा देर से आता है। उसके पैर सामान्य रूप से उतने अच्छे से नहीं चलते हैं। अपने चरम पर भी, उसका फुटवर्क न्यूनतम था, लेकिन और भी बहुत कुछ था। वह गेंद की ओर अधिक था। इस समय, मुझे लगता है कि वह क्रीज पर पकड़ा हुआ है।’’ ‘‘यह ऑस्ट्रेलियाई टीम में (उस्मान) ख्वाजा की तरह है, जहां आप न तो आगे होते हैं और न ही पीछे। और मुझे लगता है कि जब रोहित गेंद की ओर अधिक आगे बढ़ता है और विरोधी टीम से भिड़ने का इरादा रखता है, तो उस समय दिमाग से पैरों तक सही संकेत जाते हैं कि उन्हें क्या करना है।’’

उन्होंने विस्तार से बताया, कि ‘मैं चाहता हूं कि वह बस वहां जाएं, धमाका करें, कोशिश करें और यह टेस्ट मैच जीत जाएं। आप एक टेस्ट हार सकते हैं। आपने अभी तक श्रृंखला नहीं हारी है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बरकरार रखने के लिए इस टेस्ट मैच को जीतने की कोशिश करें। यह वहां जाकर अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल पाना है (जो उसे प्रभावित कर रहा है)।’ पांचवां और अंतिम टेस्ट शुक्रवार से शुरू होगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया 2-1 की बढ़त बनाए हुए है। भारत को अगले साल होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश करने की अपनी कम संभावनाओं को बनाए रखने के लिए सिडनी में होने वाला टेस्ट जीतना होगा। वे यह भी उम्मीद करेंगे कि ऑस्ट्रेलिया इस महीने के अंत में श्रीलंका में होने वाले अपने दो टेस्ट में से कोई भी न जीते, ताकि जून में लॉर्डस में होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने के लिए अपनी जगह पक्की कर सके।

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