Ind vs Eng: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला जा रहा पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। भारत जहां इस मैच को ड्रॉ कराने की कोशिश में है, वहीं इंग्लैंड जीत की उम्मीद लगाए बैठा है। चौथे दिन भारतीय टीम की ओर से शुभमन गिल और केएल राहुल ने संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए नाबाद 174 रनों की साझेदारी कर भारत को संकट से बाहर निकाला।
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने पहली ही ओवर में यशस्वी जायसवाल और डेब्यू कर रहे साई सुदर्शन को लगातार गेंदों पर आउट कर भारत को 0/2 पर ला दिया था। लेकिन इसके बाद गिल (78*) और राहुल (87*) ने जबरदस्त संयम और धैर्य दिखाते हुए 63 ओवरों में 174 रनों की अटूट साझेदारी की।
इंग्लैंड की विशाल पहली पारी
इससे पहले इंग्लैंड ने पहली पारी में जो रूट (151), बेन स्टोक्स (123), और अन्य बल्लेबाजों के अर्धशतकों की बदौलत 669 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह 2011 के बाद पहली बार है जब इंग्लैंड ने घरेलू मैदान पर 600 से अधिक रन बनाए हैं। भारत अभी भी इस स्कोर से 137 रन पीछे है।
मौसम भारत के पक्ष में?
पांचवें दिन का मौसम भारत के लिए राहत की खबर लेकर आया है। ब्रिटेन की नेशनल मेट्रोलॉजिकल सर्विस (मेट) के अनुसार, सुबह के सत्र में भारी बारिश की संभावना है। पहले तीन घंटे में खेल बाधित हो सकता है, जिससे भारत को समय निकालने और मैच ड्रॉ कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, बारिश की संभावना कम हो जाएगी। अगर भारत के बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी और ओवरकास्ट कंडीशंस से बचने में सफल होते हैं, तो मौसम टीम इंडिया के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।
ऋषभ पंत की चोट चिंता का विषय
भारतीय टीम के लिए एक और चिंता की बात विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की चोट है। पंत पैर की चोट से परेशान हैं, लेकिन भारतीय कोच सितांशु कोटक ने पुष्टि की है कि जरूरत पड़ने पर वह पांचवें दिन बल्लेबाजी के लिए उतर सकते हैं।
सीरीज की स्थिति
भारत इस पांच मैचों की सीरीज में फिलहाल 1-2 से पीछे है। मैनचेस्टर टेस्ट अगर ड्रॉ होता है या भारत जीत हासिल करता है, तो सीरीज का फैसला लंदन के ‘द ओवल’ में खेले जाने वाले अंतिम टेस्ट में होगा। अब सबकी निगाहें मैनचेस्टर के मौसम और भारत के मध्य क्रम के प्रदर्शन पर टिकी होंगी। क्या गिल और राहुल इस साझेदारी को आगे बढ़ाकर भारत को संकट से निकाल सकेंगे, या इंग्लैंड की गेंदबाजी भारत की उम्मीदों पर पानी फेर देगी? इसका जवाब पांचवें दिन मिलेगा।

