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IPL 2025 : पहली ही गेंद पर छक्का मारकर 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने खास बनाया अपना डेब्यू

नई दिल्ली। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार डेब्यू करते हुए सभी को प्रभावित किया है। उन्हें सिर्फ 13 साल की उम्र में जब आईपीएल अनुबंध मिला तो सभी का ध्यान उनकी ओर गया। हालांकि प्लेइंग 11 में जगह मिलना अभी भी दूर की कौड़ी थी, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन की चोट के चलते मिले मौके का इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने बखूबी फायदा उठाया।

बिहार के समस्तीपुर से आने वाले तिलक ने जनवरी 2024 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था और वह रणजी ट्रॉफी खेलने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए थे। इसके बाद से उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। उन्होंने नागपुर में हुए ट्रायल में राजस्थान रॉयल्स के टीम प्रबंधन को भी प्रभावित किया और आईपीएल 2025 में आरआर ने इस युवा प्रतिभा को 1.1 करोड़ रुपये में खरीद लिया।

वैभव आईपीएल में डेब्यू करने वाले अब सबसे युवा खिलाड़ी हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सिर्फ 14 साल और 23 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले सीजन 2019 में प्रयास राय बर्मन ने 16 साल और 157 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। तीसरे नंबर पर सीजन 2018 में मुजीब उर रहमान ने 17 साल और 11 दिन की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया था।

आईपीएल के अन्य सबसे कम उम्र के डेब्यूटेंट की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स के ही रियान पराग ने 17 साल और 152 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। 2008 में प्रदीप सांगवान भी 17 साल और 179 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। सरफराज खान और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों ने आईपीएल में क्रमश: 17 साल, 182 दिन और 17 साल, 199 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।

वैभव का डेब्यू न केवल ऐतिहासिक रहा, बल्कि उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का मारकर इसे और स्पेशल बना दिया। यहां उन खिलाड़ियों के नाम दिए गए हैं जिन्होंने आईपीएल में अपनी पहली ही गेंद पर छक्का मारा।

वैभव से आगे भी आक्रामक शुरुआत की उम्मीद है क्योंकि यह उनका नैसर्गिक खेल है। वह युवा हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। यह संयोजन उन्हें एक अटैकिंग हिटर के तौर पर स्थापित कर सकता है। आईपीएल 2025 की नीलामी से पहले वैभव अंडर-19 में भारत टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके थे, जहां उन्होंने केवल 58 गेंदों पर शतक लगाया था। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया चार दिवसीय मैच था। यह उनके आक्रामक रवैये को दर्शाता हुआ एक उदाहरण है।

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