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यूएस ओपन बैडमिंटन: किदांबी श्रीकांत का खिताब जीतने का सपना टूटा, फाइनल में सु ली-यांग से हारे

Kidambi Srikanth US Open Badminton Final

Kidambi Srikanth US Open Badminton Final

दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के खिताब का इंतजार और बढ़ गया। यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में श्रीकांत को चीनी ताइपे के सु ली-यांग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

33 वर्षीय किदांबी श्रीकांत ने अपने से नौ साल छोटे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की और जीत के लिए पूरा दम लगाया, लेकिन आखिरकार एक घंटे नौ मिनट तक चले मुकाबले में उन्हें 15-21, 21-16 और 9-21 से हार का सामना करना पड़ा।

श्रीकांत ने 2017 फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद कोई बीडब्ल्यूएफ टूर खिताब नहीं जीता है। मैच के बाद उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, वह काम कर रहा है। मुझे बस कड़ी मेहनत करते रहना है। मुझे लगता है कि मैं वहां हूं, लेकिन यह उन जरूरी प्वाइंट्स को जीतने के बारे में है। वह (सु ली यांग) पिछले कुछ महीनों से बहुत अच्छा खेल रहे हैं। यह एक ऐसा दिन था, जब उन्होंने उन प्वाइंट्स पर बहुत अच्छा खेला जो मायने रखते थे।”

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किदांबी श्रीकांत और ताइवान के सु ली-यांग इससे पहले दो बार आमने-सामने आ चुके थे। दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक मुकाबला जीता था। यूएस ओपन फाइनल से पहले उनकी पिछली भिड़ंत मई में थाईलैंड ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल में हुई थी, जिसमें सु ली-यांग ने तीन गेम में जीत दर्ज की थी।

फाइनल के पहले गेम में सु ली-यांग ने शानदार शुरुआत करते हुए 10-5 की बढ़त बनाई, हालांकि श्रीकांत ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया। इसके बाद सु ने लगातार सात अंक जीतकर मुकाबले पर पकड़ बना ली और पहला गेम 21-15 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में श्रीकांत ने बेहतर खेल दिखाया। शुरुआती दौर में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन इसके बाद श्रीकांत ने लगातार अंक जुटाकर 20-13 की मजबूत बढ़त बना ली। उन्होंने अपना चौथा गेम प्वाइंट भुनाते हुए दूसरा गेम को 21-16 से जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया।

हालांकि दूसरे गेम में शानदार वापसी के लिए की गई मेहनत का असर तीसरे गेम में दिखाई दिया। श्रीकांत की रफ्तार धीमी पड़ गई और थकान साफ नजर आने लगी। इसका फायदा उठाते हुए सु ली-यांग ने निर्णायक गेम पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और लगातार 8 अंक अर्जित करते हुए तीसरे सेट को 21-9 से जीतने के साथ ही मुकाबला को अपने नाम कर लिया।

बीडब्ल्यूएफ के साथ बात करते हुए सु ली-यांग ने कहा, “मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि मैंने यह कर दिखाया। मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं। आखिरी गेम में हम दोनों काफी थक चुके थे। उस समय मैंने खुद से कहा कि सिर्फ ध्यान बनाए रखो, लगातार लड़ते रहो और खुद पर भरोसा रखो। मुझे अपने प्रदर्शन पर बहुत गर्व है। मैंने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है। मैं लंबे समय से बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीतना चाहता था और यह मेरा पहला वर्ल्ड टूर खिताब है। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं भविष्य में भी ऐसे कई खिताब जीत सकता हूं।”

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