नई दिल्ली: बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बीसीसीआई से आगामी विश्व कप में खिलाड़यिों की जर्सी पर ‘भारत’ अंकित करने की मांग करने वाली एक्स पर अपनी पिछली पोस्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए बुधवार को कहा कि राजनीति में जाने का उनका कोई इरादा नहीं है, उनकी एकमात्र रूचि भारत में है जो इस देश का मूल नाम है। सहवाग ने बुधवार को कहा ‘‘ अगर मेरी कोई राजनीतिक आकांक्षा होती तो मै पिछले दो लोकसभा चुनावों में दोनों पार्टियों का उम्मीदवार बन चुका होता। हमारे राष्ट्र को भारत के रूप में संबोधित किया जाना चाहिए जबकि इसे एक राजनीतिक चीज़ के रूप में देखा जाता है। मैं किसी विशेष राजनीतिक दल का प्रशंसक नहीं हूं। दोनों राष्ट्रीय दलों में अच्छे लोग हैं और बहुत सारे अयोग्य भी हैं।’’
उन्होने कहा ‘‘ मैं एक बार फिर साफ करता हूं कि मेरी कभी कोई राजनीतिक आकांक्षा न रही है और न आगे भी होगी। अगर मुङो ऐसा करना ही था, तो मैदानी उपलब्धियाँ किसी भी पार्टी से टिकट पाने के लिए पर्याप्त थीं। अपने दिल की बात कहना राजनीतिक आकांक्षा से अलग है। मेरी एकमात्र दिलचस्पी भारत में है।’’ सहवाग ने कहा कि खुद को इंडिया कहने वाला संयुक्त विपक्ष खुद को भारत भी कह सकता है। बहुत सारे रचनात्मक लोग हैं जो इसके लिए उपयुक्त फुल फॉर्म सुझा सकते हैं। कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्र नाम से एक यात्र भी की थी। दुर्भाग्य से कई लोग भारत शब्द से असुरक्षित महसूस करते हैं। अगर हमें एक राष्ट्र के रूप में भारत नाम से संबोधित किया जाए तो इससे मुङो बहुत संतुष्टि और तृप्ति मिलेगी।
इससे पहले मंगलवार को सहवाग ने बीसीसीआई से अपील की थी कि आगामी वनडे विश्व कप में राष्ट्रीय टीम के खिलाड़यिों की जर्सी पर भारत की जगह भारत लिखा जाए और उन्होंने बीसीसीआई सचिव जय शाह को टैग किया था।उन्होंने लिखा, ‘‘ मेरा हमेशा से मानना रहा है कि नाम ऐसा होना चाहिए जो हमारे अंदर गर्व पैदा करे। भारत अंग्रेजों द्वारा दिया गया एक नाम है (और) हमारे मूल नाम‘भारत’को वापस पाने में बहुत समय लग गया है।’’

