
खेल डेस्क: भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पोवार को सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल किया गया है, जबकि पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया गया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को बताया कि ओझा को उनकी वरिष्ठता के आधार पर चयन पैनल का अध्यक्ष बनाया गया है। पैनल के पांच सदस्यों में रमेश पोवार सर्वाधिक 24 टेस्ट मैच खेले हैं। अब इस चयन समिति में प्रज्ञान ओझा, रमेश पवार, शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा शामिल हैं।
पवार के नाम की सिफारिश क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से की थी। इस समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे, जिन्होंने पिछले हफ्ते बीसीसीआई मुख्यालय में आवेदकों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू लिया था। आईएएनएस को मिली जानकारी के अनुसार, पवार का इंटरव्यू जूनियर चयन समिति के सदस्य के पद के लिए भी लिया गया था।
48 वर्षीय पवार ने साल 2004 से 2007 के बीच भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले हैं और उनके पास इस भूमिका के लिए काफी अनुभव है। उन्होंने वसीम जाफर, सलिल अंकोला, जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स जैसे पूर्व भारतीय और वेस्ट जोन के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए यह जगह हासिल की।
🚨 Announcement 🚨
Mr Ramesh Powar @imrameshpowar appointed to Men’s Selection Committee.
Based on seniority (most Tests), Mr Pragyan Ojha @pragyanojha will chair the Committee.
BCCI appreciates Mr Ajit Agarkar @imAagarkar for his commitment, conviction and contribution during his tenure as Chairman of the Committee.
Details ▶️ https://t.co/z0jcyPWkr0
#TeamIndia
— BCCI (@BCCI) October 19, 2026
मुंबई के रहने वाले पवार दो बार भारतीय महिला टीम के हेड कोच रहे हैं। उनके कार्यकाल में टीम ने एशिया कप का खिताब जीता और 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया। पवार ने मुंबई को विजय हजारे ट्रॉफी जिताने में भी कोच के तौर पर मदद की थी। हाल ही में पद छोड़ने से पहले, वे पिछले दो सीजन तक गुजरात की सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच रहे। इसके अलावा, उन्होंने भारत के खिलाफ हाल ही में हुई वनडे सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के लिए कंसल्टेंट कोच की भूमिका संभाली थी।
सीनियर चयन पैनल में यह जगह तब खाली हुई थी, जब मुख्य चयनकर्ता के पद से अजीत अगरकर हट गए थे। जुलाई 2023 में कार्यभार संभालने वाले अगरकर के नेतृत्व में भारतीय पुरुष क्रिकेट ने एक सफल दौर देखा, जिसमें टीम ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां, दो एशिया कप खिताब और एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीते।