अहमदाबाद। रविवार को आईपीएल 2025 के दूसरे क्वालिफायर में मुंबई इंडियंस (एमआई) का मुक़ाबला पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) से होगा। जहां पीबीकेएस को पहले क्वालिफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा था, वहीं एमआई को एलिमिनेटर में जीटी के खिलाफ एक बड़ी जीत मिली। अब दोनों टीमों का लक्ष्य इस मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचना होगा, जहां मंगलवार को उनका सामना आरसीबी से होगा।
पीबीकेएस की टीम (तब किंग्स इलेवन पंजाब) 2008 के पहले आईपीएल संस्करण में ही नॉकआउट दौर में पहुंची थी, जहां सेमीफाइनल में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के हाथों नौ विकेट की करारी हार झेलनी पड़ी। इसके बाद उन्हें नॉकआउट या प्ले ऑफ़ की दौड़ में पहुंचने के लिए छह साल लग गए, जब 2014 में अंक तालिका में शीर्ष पर रहते हुए वह फाइनल तक पहुंचे। हालांकि फाइनल में उन्हें इस बार कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने एक रोमांचक मुकाबले में तीन गेंद शेष रहते तीन विकेट से हराया।
इसके बाद उन्हें प्ले ऑफ में पहुंचने के लिए 11 साल लग गए। इस साल भी उन्होंने 14 मैचों में नौ जीत और 19 अंकों के साथ अंक तालिका में टॉप किया, लेकिन पहले क्वालिफायर में उन्हें आरसीबी के हाथों 10 ओवर शेष रहते आठ विकेट की करारी हार मिली। पीबीकेएस के बल्लेबाज थोड़ी सी असमतल और दोहरी उछाल वाली पिच पर लड़खड़ा गए और सिर्फ 101 रन पर ऑलआउट हो गए। अब उन्हें एमआई के खिलाफ मुकाबले को जीतकर फाइनल में पहुंचना है तो ना सिर्फ उन्हें अपने प्ले ऑफ बल्कि एमआई के खिलाफ रिकॉर्ड को भी सुधारना होगा।
पीबीकेएस ने अब तक पांच प्ले ऑफ मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्हें सिर्फ एक में जीत मिली है। इसमें इस साल का पहला क्वालिफ़ायर मुकाबला भी शामिल है। वहीं एमआई की बात की जाए तो संयुक्त रूप से सर्वाधिक पांच बार आईपीएल ख़तिाब जीतने वाली एमआई ने प्ले ऑफ में 21 मैच खेले हैं, जिसमें उन्हें 14 में जीत और सात में हार मिली है। हालांकि अहमदाबाद में उनका रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है और वहां उन्होंने छह में से सिर्फ एक मुकाबला जीता है, जबकि पांच में उन्हें हार मिली है। एमआई की टीम ने एलिमिनेटर में जिस तरह का प्रदर्शन किया और जीटी को मात दी, अपने उसी प्रदर्शन को वे बरकरार रखना चाहेंगे।

