Last Updated: October 14, 2026

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Running Inspiration: दौड़ने का जुनून नहीं हुआ कम, 58 की उम्र में बिमला बनवाला ने पूरी की 100 से ज्यादा रेस

August 26, 2026

Running Inspiration: दौड़ने का जुनून नहीं हुआ कम, 58 की उम्र में बिमला बनवाला ने पूरी की 100 से ज्यादा रेस

Running Inspiration: रोहतक की 58 वर्षीय बिमला बनवाला अब ‘दिल्ली हाफ मैराथन’ में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान खुद को फिट रखने के लिए दौड़ना शुरू किया था। इसके बाद उनका यह शौक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया और अब तक वह 100 से ज्यादा रेस पूरी कर चुकी हैं।

बिमला ने अब तक 50 से ज्यादा हाफ मैराथन, 5 फुल मैराथन, 10 किलोमीटर और कई लंबी दूरी की रेस में हिस्सा लिया है। वह हर साल करीब 10 रनिंग इवेंट्स में शामिल होती हैं। उनका कहना है कि वह केवल रेस की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं दौड़तीं, बल्कि उन्हें दौड़ना पसंद है और इससे उन्हें मानसिक शांति व सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

बिमला बताती हैं कि 2020 में शुरू हुई दौड़ अब उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। उनके मुताबिक, मैराथन में दौड़ने के बाद उन्हें अच्छा महसूस होता है और शरीर के साथ-साथ मन भी तरोताजा रहता है। वह प्रोकैम इंटरनेशनल के कई बड़े आयोजनों में हिस्सा ले चुकी हैं और ‘प्रोकैम स्लैम’ भी पूरा कर चुकी हैं।

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बिमला ने दिल्ली हाफ मैराथन के अलावा टाटा मुंबई मैराथन, टाटा स्टील वर्ल्ड 25 किलोमीटर कोलकाता और टीसीएस वर्ल्ड 10 किलोमीटर बेंगलुरु जैसी प्रमुख रेस में भी हिस्सा लिया है। खास बात यह है कि उनके पति चंद्रपाल बनवाला भी उनके साथ दौड़ते हैं। दोनों देश के अलग-अलग शहरों में होने वाली रनिंग प्रतियोगिताओं में साथ यात्रा करते हैं और कई बड़े इवेंट्स में हिस्सा ले चुके हैं।

चंद्रपाल बनवाला पूर्व सैनिक हैं और साल 1987 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। नौकरी के दौरान उन्हें कुश्ती जैसे खेलों से जुड़ने का मौका मिला, जबकि कोरोना महामारी के बाद दौड़ना उनका मुख्य शौक बन गया। वह कई मैराथन और अल्ट्रा-मैराथन पूरी कर चुके हैं और कई बार पोडियम पर भी जगह बना चुके हैं। उनके और बिमला के साझा जुनून ने उन्हें रनिंग कम्युनिटी में ‘पावर कपल’ की पहचान दिलाई है।

बिमला के लिए दौड़ सिर्फ रेस पूरी करने या मेडल जीतने का जरिया नहीं है, बल्कि यह फिटनेस, सकारात्मकता और मानसिक ताजगी का हिस्सा बन चुकी है। अब दिल्ली हाफ मैराथन में वह 100 से ज्यादा रेस का अनुभव लेकर एक बार फिर शुरुआती लाइन पर उतरेंगी। 58 साल की उम्र में भी उनका जज्बा यही संदेश देता है कि एक्टिव रहने और अपने पसंदीदा काम को जुनून के साथ करने की कोई उम्र नहीं होती।

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