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ओलंपियाड को व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया: Gukesh Dommaraju

September 24, 2024

ओलंपियाड को व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया: Gukesh Dommaraju

चेन्नई: भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने हाल ही में संपन्न शतरंज ओलंपियाड को व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया और नवंबर में होने वाली बहुप्रतीक्षित विश्व चैंपियनशिप से पहले अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया। विश्व चैंपियनशिप के चैलेंजर 18 वर्षीय गुकेश की भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका रही जिससे पुरुष टीम ने टूर्नामेंट में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। बुडापेस्ट से मंगलवार सुबह यहां पहुंचे गुकेश ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ओलंपियाड को मैंने व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया। मैं सिर्फ इस विशिष्ट टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था। मैं अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।

गुकेश ने भारत के लिए शीर्ष बोर्ड पर शानदार प्रदर्शन किया और अपनी 10 बाजियों में नौ अंक हासिल किए। उन्होंने आठ बाजी जीती जबकि दो ड्रॉ रहीं। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। उन्होंने कहा, ‘‘परिणाम इस बात का सबूत है कि हम कई चीजें सही कर रहे थे और हम सही भावना के साथ खेल रहे थे। बुडापेस्ट में जो कुछ भी हुआ उससे मैं बेहद खुश हूं। अब गुकेश का ध्यान नवंबर-दिसंबर में गत चैंपियन चीन के ग्रैंडमास्टर डिंग लिरेन के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण विश्व चैंपियनशिप मुकाबले पर है। भारतीय खिलाड़ी ने अप्रैल में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था और 17 साल की उम्र में विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गए थे।

मई में वह 18 साल के हुए। गुकेश और लिरेन 20 नवंबर से 15 दिसंबर तक सिंगापुर में प्रतिष्ठित खिताब और 25 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि के लिए भिड़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व चैम्पियनशिप में जाने से पहले फॉर्म अच्छा है और अभी मैं काफी खुश हूं। अभी कुछ महीने बाकी हैं और मैं कड़ी मेहनत करूंगा और पूरी तरह से तैयार रहूंगा। अगर यह किशोर सफल होता है तो वह दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाला पहला भारतीय बन जाएगा। आनंद ने अपने शानदार करियर में पांच बार विश्व खिताब जीता।

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