Last Updated: October 19, 2026

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जूनियर विश्व कप में पोडियम पर जगह बनाने की काफी अच्छी संभावना: अरिजीत 

November 18, 2023

जूनियर विश्व कप में पोडियम पर जगह बनाने की काफी अच्छी संभावना: अरिजीत 

बेंगलुरू:आगामी जूनियर विश्व कप के लिए भारतीय टीम के उप कप्तान बनाए गए उभरते हुए फारवर्ड अरिजीत सिंह हुंदल अपने पिता के सपने को जी रहे हैं और कुआलालंपुर में पांच से 16 दिसंबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत को पोडियम पर जगह दिलाने में मदद करके अपनी छाप छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हुंदल ऐसे परिवार में पले-बढ़े जहां हॉकी एक परंपरा रही है। अमृतसर में जन्मे इस फारवर्ड ने भुवनेश्वर में 2021 जूनियर विश्व कप में भारत के लिए पदार्पण किया जहां उन्होंने छह मैच में पांच गोल किए और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इस 19 वर्षीय खिलाड़ी ने हॉकी इंडिया से कहा, ‘‘मेरे परिवार में सभी लोग हॉकी खेलते थे जिनमें मेरे दादा, पिता और चाचा भी शामिल थे। मेरे पिता जब खेलने जाते तो बचपन में मैं भी उनके साथ जाता था।अब तक 22 मैच में 17 गोल कर चुके हुंदल ने कहा, ‘‘तब से मेरी दिलचस्पी बढ़ती गई। मेरे पिता का भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना था और अब मैं उनके लिए इस सपने को आगे बढ़ा रहा हूं।

हुंदल 18 सदस्यीय टीम में उन सात खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने भुवनेश्वर में 2021 जूनियर विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अन्य छह सदस्य कप्तान उत्तम सिंह,बॉबी सिंह धामी, सुदीप चिरमाको, विष्णुकांत सिंह, सुनील जोजो और शारदा नंद तिवारी हैं। भारत क्लासीफिकेशन प्लेऑफ में फ्रांस से 1-3 से हारकर टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहा था। हुंदल ने कहा, ‘‘हमने शिविर में एक टीम के रूप में अच्छी तैयारी की है और अपने खेल के कई अहम विभागों पर ध्यान केंद्रित किया है।

हम महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों पर काम कर रहे हैं जहां हम सुधार कर सकते हैं और हमारा लक्ष्य पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टीम ने बहुत कुछ सीखा है और टीम आगामी टूर्नामेंट से पहले आत्मविश्वास से भरी है। हुंदल ने कहा, ‘‘पिछले जूनियर विश्व कप के बाद से हमने सीखा है कि हमें किसी भी टीम को हल्के में नहीं लेना चाहिए और हमें सभी टीमों के खिलाफ शत प्रतिशत देना होगा। हमें अंतिम सीटी बजने तक खुद को आगे बढ़ाते रहना होगा।’

’उन्होंने कहा, ‘‘हमने तीन-चार प्रमुख टूर्नामेंट खेले हैं जिससे वास्तव में हमारे आत्मविश्वास को बढ़ावा मिला है। हमने यह भी देखा है कि अन्य टीमें कैसे खेलती हैं और एक मैच में अपनी संभीवनाओं को बेहतर बनाने के लिए हम अपने खेल में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं।’भारत के इस फारवर्ड ने कहा कि पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जूनियर पुरुष एशिया कप जीतना उनके अब तक के करियर का मुख्य आकर्षण रहा है।

 

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