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विनेश फोगाट को लगा तगड़ा झटका, WFI ने भेजा कारण बताओ नोटिस

vinesh fogat

खेल डेस्कः भारतीय स्टार पहलवान Vinesh Phogat की कुश्ती के मैट पर वापसी फिलहाल मुश्किल में पड़ गई है। भारतीय कुश्ती महासंघ यानी Wrestling Federation of India (WFI) ने उन्हें 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी है। यह वही टूर्नामेंट था, जिसके जरिए विनेश फोगाट लंबे समय बाद कुश्ती में वापसी करने वाली थीं। लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही WFI ने उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस भेज दिया।

 

WFI ने लगाए कई गंभीर आरोप

महासंघ ने विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें शामिल हैं अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों का पालन न करना, भारतीय कुश्ती की छवि खराब करना, महासंघ के नियमों का उल्लंघन करना। वहीं, WFI का कहना है कि इन कारणों की वजह से विनेश अभी घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकतीं। महासंघ ने साफ किया है कि वह 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू टूर्नामेंट के लिए पात्र नहीं होंगी।

 

आखिर WFI क्यों हुआ सख्त?

WFI के अनुसार अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संस्था United World Wrestling (UWW) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी संन्यास के बाद वापसी करता है, तो उसे कम से कम 6 महीने पहले इसकी जानकारी देनी होती है। महासंघ का दावा है कि विनेश फोगाट ने यह जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसी वजह से उन्हें फिलहाल किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में खेलने की मंजूरी नहीं दी जा सकती।

 

यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा भी विवाद में

इसी बीच भारतीय क्रिकेट के दो युवा सितारे Yashasvi Jaiswal और Shafali Verma भी एंटी-डोपिंग नियमों से जुड़े मामले में चर्चा में आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी National Anti-Doping Agency (NADA) ने फरवरी महीने में दोनों खिलाड़ियों को स्पष्टीकरण नोटिस भेजा था।

सूत्रों के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों की तरफ से तय समय में कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद NADA ने दोनों के खिलाफ पहला “मिस्ड टेस्ट” दर्ज कर लिया।

 

क्या दोनों खिलाड़ियों पर बैन लग सकता है?

फिलहाल यह मामला सीधे तौर पर डोपिंग उल्लंघन नहीं माना जा रहा है। लेकिन एंटी-डोपिंग नियमों के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी 12 महीने के अंदर तीन बार “वेयरअबाउट्स फेल्योर” का दोषी पाया जाता है, तो उसे नियम तोड़ने वाला माना जा सकता है। “वेयरअबाउट्स फेल्योर” का मतलब है कि खिलाड़ी ने अपनी लोकेशन की सही जानकारी नहीं दी या डोप टेस्ट के समय उपलब्ध नहीं रहा। अगर सुनवाई के दौरान खिलाड़ी खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाते, तो उन पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

 

खिलाड़ियों के पास अभी भी बचाव का मौका

फिलहाल यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा दोनों के पास अपना पक्ष रखने का मौका है। लेकिन इस पूरे मामले ने भारतीय क्रिकेट में एंटी-डोपिंग नियमों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता है और हाल के समय में उनका प्रदर्शन भी शानदार रहा है।

 

IPL और महिला क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन

Yashasvi Jaiswal इस समय Indian Premier League 2026 में Rajasthan Royals (RR) की ओर से खेल रहे हैं। उन्होंने इस सीजन में कई शानदार पारियां खेली हैं। वहीं Shafali Verma ने ICC Women’s Cricket World Cup 2025 में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पांच मैचों की महिला टी20 सीरीज में भी हिस्सा लिया था।

 

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