
Women’s Asia Cup 2026: भारत और श्रीलंका के बीच महिला एशिया कप 2026 का खिताबी मुकाबला 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल से पहले श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापट्टू ने अपनी टीम को लेकर पूरा विश्वास जताया है। उनका कहना है कि श्रीलंका के पास मजबूत से मजबूत टीम को हराने की क्षमता है। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
अथापट्टू के अनुसार, श्रीलंका की सबसे बड़ी ताकत उसके पास मौजूद विकल्प और दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता है। टीम में कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो जरूरत के मुताबिक जिम्मेदारी संभाल सकते हैं और मैच का रुख बदल सकते हैं। कप्तान ने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के योगदान को सराहा और कहा कि उन्होंने अब तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है।
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श्रीलंकाई बल्लेबाजी में भी टीम के पास कई विकल्प हैं। अथापट्टू ने हर्षिता, नीलाक्षिका और कविशा को अहम खिलाड़ी बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर ये बल्लेबाज तेजी से रन जुटाकर मैच का पलड़ा अपनी टीम की ओर कर सकती हैं। कप्तान के मुताबिक, टीम के अधिकतर बल्लेबाज अच्छी लय में हैं और गेंदबाजों ने भी अब तक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। फाइनल में रणनीति को मैदान पर सही तरीके से लागू करना श्रीलंका के लिए बेहद जरूरी होगा।
फील्डिंग को लेकर हालांकि श्रीलंकाई कप्तान ने टीम को सावधान किया है। उन्होंने माना कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी विभाग ने अच्छा काम किया है और युवा खिलाड़ियों ने भी अपना योगदान दिया है। लेकिन मैचों के दौरान कुछ कैच छूटने से क्षेत्ररक्षण में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। अथापट्टू चाहती हैं कि भारत के खिलाफ फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम इस तरह की गलतियों से बचे।
सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने 131 रन का लक्ष्य रखा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 5 विकेट पर 130 रन बनाए और फातिमा सना ने 47 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और सिर्फ 5 रन पर उसके दो विकेट गिर गए। इसके बाद 33 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते टीम चार विकेट गंवा चुकी थी। संकट की इस स्थिति में हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने पारी को संभाला तथा पांचवें विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी की।
श्रीलंका ने इसके बाद लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ाए और 100 रन का आंकड़ा पार करने के बाद मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर ली। नीलाक्षी डी सिल्वा ने नाबाद 18 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में योगदान दिया, जबकि कुशानी ने भी 10 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों के क्रीज पर रहते श्रीलंका ने 18.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 134 रन बनाए और 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ टीम ने फाइनल में जगह बनाई, जहां उसका सामना भारत से होगा। 2024 के एशिया कप फाइनल में भी दोनों टीमें भिड़ी थीं और तब श्रीलंका ने भारत को 8 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
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