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चेन्नई : मद्रास उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें एक आरोपी को पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने उसे 10 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। हाल में पारित एक आदेश में न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने राज्य सरकार द्वारा.