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भारत की क्रेडिट इंडस्ट्री का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट बढ़कर दिसंबर 2025 तक सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 130 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। डेटा और टेक्नोलॉजी कंपनी एक्सपीरियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नए लोन.