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नई दिल्ली। पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की दुर्दशा लगातार दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। यहां ईसाई और हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के नए मामले उस स्थिति को उजागर करते हैं, जिसे ‘व्यवस्थित संकट’ कहा जाता है। मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल लगभग 1,000.