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नई दिल्ली। ज्ञान की सबसे प्रखर रोशनी दीपक से नहीं, खुले पन्नों से निकलती है। विचारों के शोर में भटकता मन जब ठहराव चाहता है, तब पुस्तक भीतर नई दुनिया का द्वार खोल देती है। 23 अप्रैल इसी अद्भुत संसार को समर्पित दिन है, जब पुस्तकें केवल वस्तु नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली.