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“दस फुट रेशम और बीस फुट लाल जाली, वही दाम उन्होंने बैल के सिर पर बाँध दिया!” – बूढ़ा कोयला बेचने वाला, पाई चुयी थांग राजवंश के प्रसिद्ध चीनी कवि पाई चुयी (Bai Juyi-白居易) की कविता “बूढ़ा कोयला बेचने वाला” (“The Old Charcoal Seller”) गरीबी और वंचना की दो दारुण तस्वीरों पर तीखा प्रकाश डालती.