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लंबे इतिहास में दस साल महज़ एक छोटा सा क्षण है, लेकिन एक अवधारणा के लिए दुनिया को बदलने की ताकत जुटाने के लिए यह काफी है। मार्च 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में अपने भाषण में पहली बार मानव साझे भाग्य वाले समुदाय की अवधारणा का प्रस्ताव.