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नई दिल्लीः रामायण और महाभारत जैसे आख्यानों पर आधारित चरित्रों तथा कथाओं पर लेखन करने वाले र्चिचत लेखक देवदत्त पटनायक का मानना है कि रामकथा को लेकर भारत में तमाम प्रसंग प्रचलित हैं और केवल तुलसीदास कृत ‘रामचरित मानस’ को ही मूल कथा मान लेना ‘‘घमंड’’ है तथा ऐसी सोच भारत को तोड़ देगी। पौराणिक.