-
चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को ‘‘विभाजनकारी प्रवृत्ति’’ वाली टिप्पणियां करने के खतरे का अहसास होना चाहिए और उसने सितंबर में यहां हुई सनातन धर्म विरोधी एक सभा में भाग लेने वाले सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कुछ मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित नाकामी को लेकर.