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नई दिल्लीः कई चिकित्सक और संबद्ध चिकित्सा पेशेवर समलैंगिकता को एक ‘विकार’ मानते हैं, जो समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने की सूरत में समाज में और बढ़ेगा। यह दावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिला शाखा से संबद्ध संगठन ‘संर्विधनी न्यास’ के सव्रेक्षण में किया गया है। आरएसएस के समानांतर महिला संगठन ‘राष्ट्र सेविका.