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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज (रिटायर्ड) जस्टिस ए.के. सीकरी ने कहा कि केवल पर्यावरण की खातिर विकास की बलि नहीं दी जा सकती। हालांकि वर्तमान और भावी पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। विकास और पर्यावरण के बारे में बात करते.