-
आज की तेज रफ्तार और सुविधाजनक जीवनशैली ने जहां कामों को आसान बना दिया है, वहीं शारीरिक गतिविधियां काफी कम कर दी हैं। पहले रोजमर्रा के कामों में ही पर्याप्त शारीरिक मेहनत हो जाती थी, लेकिन अब अधिकतर काम मशीनों और तकनीक के सहारे हो रहे हैं। नतीजतन, लोग अक्सर थकान, सुस्ती और एकाग्रता की.