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द्वापर युग में एक महत्वपूर्ण प्रसंग हमारे सामने आता है जो यक्ष युधिष्ठिर संवाद के नाम से प्रसिद्ध है। यह संवाद मानवीय जीवन मूल्यों पर आज हजारों साल बाद भी उतना ही प्रकाश डालता है, जितना पाण्डवकाल में यह महत्वपूर्ण रहा होगा। उन दिनों पाण्डव अज्ञातवास के अंतिम समय में जंगल में थे। गर्मी के.