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‘हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रखो, हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो।’ ये पंक्तियां भारत के स्टार पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल पर सटीक बैठती हैं। महज सात साल की उम्र में पिता को खोने वाले सुमित की जिंदगी एक हादसे.