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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ गली-गालोच, अभद्र भाषा और अश्लील शब्द- चाहे वे कितने भी आपत्तिजनक क्यों न हों, अश्लीलता नहीं मानी जाएंगी। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की कि सिर्फ गाली-गलौच या अश्लील.