तेल और गैस की आपूर्ति पहले ही बाधित है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर खाद, दवा और खाने-पीने की वस्तुओं तक दिखने लगेगा।
आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते कच्चे तेल में तेजी जारी है और मंगलवार को कीमतों में करीब 3 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.03 डॉलर प्रति औंस और डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.03 डॉलर प्रति.
नयी दिल्ली: नीति आयोग के सदस्य अरंविद विरमानी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों तथा जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अनिश्चितता के बावजूद चालू वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। विरमानी ने यह भी कहा कि भारत में सकल घरेलू बचत अनुपात लगातार बढ़ा.