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नई दिल्ली : भारत का प्राइमरी मार्कीट अब केवल समय-समय पर आने वाले आईपीओ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूंजी निर्माण (कैपिटल फॉर्मेशन) का एक मजबूत और स्थायी माध्यम बनकर उभर रहा है। एसोसिएशन ऑफ इन्वैस्टमैंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (एआईबीआई) के अनुसार, देश में मेनबोर्ड आईपीओ की पाइपलाइन लगभग 3.86 लाख करोड़.