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सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला-मोहल्ला कहते हैं। सिखों के लिए यह धर्मस्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है। दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने होली के लिए पुलिंग शब्द होला-मोहल्ला का प्रयोग किया। गुरु जी इसके माध्यम से समाज के दुर्बल और.