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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नागरिकों के लिए आघात उपचार (ट्रॉमा केयर) का अधिकार जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है, और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को 3 महीने के भीतर आपातकालीन प्रतिक्रियाओं के लिए हैल्पलाइन नंबर ‘112’ शुरू करने के साथ ही कार्यात्मक शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करनी.