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भारतीय सिनेमा में लंबे समय तक पुरुष प्रधान कहानियों और भव्य बजट वाली फिल्मों का बोलबाला रहा, लेकिन पिछले कुछ सालों में महिला प्रधान फिल्में अपनी अलग पहचान बनाने लगी हैं। ये फिल्में न केवल दर्शकों को मनोरंजन देती हैं, बल्कि सामाजिक संदेश और मजबूत कथानक के कारण भी चर्चा में रहती हैं। तापसी पन्नू.