-
यूँ तो बसंत ऋतु सभी का मन मोह लेती है, लेकिन भारत और चीन में इसे एक उत्सव की तरह मनाया जाता है और अनेक प्रकार के आयोजन होते हैं। मुझे इस मौके पर महान भारतीय कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक कविता याद आती है जिसे उन्होंने बड़े ही सरल शब्दों में लिखा है.