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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए 16 उम्मीदवार किए गए शॉर्टलिस्ट

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। सर्च कमेटी ने शॉर्टलिस्ट किए गए 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू का आखिरी दौर पूरा कर लिया है।

ये इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में आयोजित किए गए थे।

सर्च कमेटी में जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे। उन्होंने संस्था के इस अहम लीडरशिप पद के लिए उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया।

कमेटी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में कई दौर की स्क्रीनिंग शामिल थी। शुरुआत में कुल 5,585 आवेदन मिले थे, जिनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत CV जमा किए थे।

उम्मीदवारों का मूल्यांकन मैनेजमेंट क्षमता, बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों और लोगों को संभालने का अनुभव, व्यक्तिगत उत्कृष्टता, भाषा पर पकड़, विज़न और रणनीतिक योजना जैसे पैमानों पर किया गया।

दूसरे दौर में, जमा किए गए आवेदनों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद लगभग 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन बातचीत के लिए बुलाया गया। उनके कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोफेशनल अनुभव, विज़न, व्यक्तित्व, लीडरशिप के गुणों और टेक्नोलॉजी की समझ का मूल्यांकन किया गया।

ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद, अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए 16 उम्मीदवारों को चुना गया। फाइनल उम्मीदवारों में अलग-अलग बैकग्राउंड के काबिल प्रोफेशनल शामिल थे, जिनमें सेना के पूर्व अधिकारी, रिटायर्ड IAS और IPS अधिकारी और सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं के प्रोफेशनल शामिल थे।

कमेटी ने कहा कि फाइनल उम्मीदवारों का मूल्यांकन मैनेजमेंट स्किल्स, लीडरशिप की क्षमता, व्यक्तित्व, विज़न, रणनीतिक योजना और टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता के आधार पर किया गया।

सर्च कमेटी अब फाइनल उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेगी और तीन नामों का एक पैनल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा और सही समय पर नए CEO की घोषणा करेगा।

कमेटी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया का मकसद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व वाली संस्था के नेतृत्व के लिए योग्यता-आधारित, पारदर्शी और व्यापक चयन सुनिश्चित करना था।

CEO की नियुक्ति तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर की जाएगी, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पद के लिए सैलरी और अन्य लाभ आपसी बातचीत से तय किए जाएंगे। ट्रस्ट की सीधी देखरेख में काम करते हुए, CEO मैनेजमेंट का नेतृत्व करेंगे और ट्रस्ट के एडमिनिस्ट्रेशन और भविष्य के विकास की निगरानी करेंगे।

CEO कानूनी और रेगुलेटरी ज़रूरतों का पालन सुनिश्चित करेंगे, फाइनेंशियल पारदर्शिता बनाए रखेंगे, सरकारी एजेंसियों के साथ सुरक्षा इंतज़ामों में तालमेल बिठाएंगे, धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों की देखरेख करेंगे, भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करेंगे, खास मेहमानों के लिए इंतज़ाम संभालेंगे और ट्रस्ट द्वारा दिए गए अधिकारों के अनुसार ट्रस्ट के रोज़मर्रा के कामकाज की निगरानी करेंगे।

तीन सदस्यों वाली सर्च कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विश्वंभर चतुर्वेदी और जाने-माने वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। सिलेक्शन प्रोसेस पूरा होने के बाद, कमेटी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सिफारिश ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बोर्ड’ से करेगी, जो अंतिम नियुक्ति करेगा।

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