नोएडाः सोमवार का दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बेहद खास और यादगार बन गया। करीब 25 साल से जिस बड़े सपने का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार पूरा हो गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश और देश के विमानन क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया।
पहली उड़ान में शामिल हुए जमीन देने वाले किसान
जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो एयरलाइंस की थी, जो लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस फ्लाइट में कुल 172 किसान सवार थे। ये वही किसान हैं जिन्होंने एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी।
सरकार और एयरपोर्ट प्रशासन ने किसानों के योगदान को सम्मान देने के लिए उन्हें पहली उड़ान का हिस्सा बनाया। यह कदम किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक विशेष प्रयास माना जा रहा है।
#WATCH | Jewar, UP | Noida International Airport’s first commercial flight takes off for Lucknow.
The passengers of the flight include farmers who gave their land for the airport. They will meet UP CM Yogi Adityanath at a programme organised in the city.
(Pics and Video: Jewar… pic.twitter.com/jRomgrEC3u
— ANI (@ANI) June 15, 2026
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगी मुलाकात
लखनऊ पहुंचने के बाद इन किसानों की मुलाकात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई जाएगी। इस दौरान किसानों के योगदान और एयरपोर्ट परियोजना की सफलता पर चर्चा भी हो सकती है। इससे किसानों को सम्मान मिलने के साथ-साथ उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से भी सराहा जाएगा।
लखनऊ से आई पहली फ्लाइट का जेवर में हुआ स्वागत
सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे इंडिगो की एक फ्लाइट लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर जेवर एयरपोर्ट पहुंची। विमान के सफलतापूर्वक उतरने के साथ ही एयरपोर्ट पर नियमित विमान सेवाओं की शुरुआत हो गई। इस मौके पर एयरपोर्ट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया और अधिकारियों ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए पहली उड़ान में उन्हें शामिल करके उनका सम्मान किया गया है। मंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट आने वाले समय में देश के सबसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में से एक बनेगा।
#WATCH | Jewar, UP | At the Noida International Airport, Union Civil Aviation Minister Ram Mohan Naidu Kinjarapu says, “Today is a day of great joy, a historic day as the first flight is set to take off from Noida International Airport. A special arrangement has been made for the… pic.twitter.com/eKB5cST7iQ
— ANI (@ANI) June 15, 2026
चार शहरों के लिए शुरू हुई उड़ान सेवाएं
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि आज से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चार प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हो रही हैं। इनमें शामिल हैं
-लखनऊ
-बेंगलुरु
-हैदराबाद
-अमृतसर
इन शहरों के लिए नियमित उड़ानों के संचालन से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।
देश के टॉप-5 एयरपोर्ट्स में शामिल होने का लक्ष्य
राम मोहन नायडू ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के शीर्ष पांच हवाई अड्डों में अपनी जगह बना लेगा। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
एक जुलाई से 16 शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी
एयरपोर्ट का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, 1 जुलाई से यहां से 16 शहरों के लिए नियमित उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है।
इन शहरों में शामिल हैं।
-जयपुर
-भोपाल
-चंडीगढ़
-बरेली
-देहरादून
-लखनऊ
-नवी मुंबई
-और अन्य प्रमुख शहर
-शुरुआती दौर में इंडिगो और अकासा एयर अपनी सेवाएं संचालित करेंगी।
उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना जेवर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया है। इससे पहले राज्य में चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं:
-लखनऊ
-वाराणसी
-कुशीनगर
-अयोध्या
-अब जेवर एयरपोर्ट के जुड़ने से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत हो गई है।
पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर बदल सकता है। एयरपोर्ट के संचालन से निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के लोगों को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डे की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास तेज होगा।

