लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद का संकट है जबकि निजी विक्रेता कालाबाजारी कर रहे हैं। यादव ने गुरुवार को कहा कि किसानों को फसलों के लिए खाद नहीं मिल रही है। खरीफ की फसल विशेष कर धान की रोपाई का सीजन चल रहा है। किसान को फसलों के लिए डीएपी, यूरिया की जरूरत है लेकिन सहकारी समितियों में खाद नहीं है। निजी विक्रेता कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और ओवर रेटिंग कर रहे हैं। विभाग और सरकार की लापरवाही और लचर रवैये से किसान मारा-मारा फिर रहा है। उन्होंने कहा कि गोंडा, बस्ती, हाथरस, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, समेत तमाम जिलों में खाद का संकट है।
भाजपा सरकार जब से सत्ता में आयी है तब से हर साल किसानों को खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। पुरूष किसानों के साथ-साथ महिलाओं को भी खाद के लिए सुबह से ही सहकारी समितियों पर लाइन लगानी पड़ रही है। कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिलती है। किसानों का दर्द तब और बढ़ जाता है जब खाद के बजाय उन्हें पुलिस की लाठियां और प्रताड़ना मिलती है।
यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी के श्रीनगर की बहुउद्देशीय सहकारी समिति संकर भदूरा में 16 जुलाई को किसान खाद लेने के लिए पहुंचे। उनमें बड़ी संख्या में पुरूष व महिलाएं थी। किसानों को खाद नहीं मिली। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई लोगों को चोटें आई है। महिलाओं को पीटा और बेइज्जत भी किया गया। भाजपा सरकार में खाद मांगने पर किसान अपमानित किए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को लगातार धोखा दे रही है। सरकार ने पूरी स्थिति बदहाल कर दी है। अब तो मंत्री और अधिकारियों के छापों का भी कोई असर नहीं है। किसानों से झूठे वादे किए। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार अब किसानों को उनकी फसलों के लिए खाद, बीज, बिजली-पानी कीट नाशक भी नहीं उपलब्ध करा पा रही है।

