यूपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक टोल प्लाजा पर वकील के साथ हुई मारपीट का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। इस घटना से नाराज वकीलों ने गुरुवार को बड़ी संख्या में बारा टोल प्लाजा पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों के आक्रोश को देखते हुए टोल पर मौजूद सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर मौके से भाग गए। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे से टोल प्लाजा पूरी तरह टोल फ्री हो गया और वाहन बिना शुल्क दिए निकलते रहे।
हाईकोर्ट जा रहे वकील से हुआ था विवाद
यह मामला हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ–सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-731) पर स्थित बारा टोल प्लाजा का है। बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला अपनी कार से लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे। जब वे टोल प्लाजा पहुंचे तो उनकी गाड़ी में लगे फास्टैग में बैलेंस नहीं था। इसी बात को लेकर टोल कर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि जैसे ही वकील कार से बाहर उतरे, टोल कर्मियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा। इस घटना से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
वकीलों का आक्रोश, टोल प्लाजा पर हुआ हंगामा
घटना के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में वकील बारा टोल प्लाजा पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख टोल कर्मी वहां से भाग खड़े हुए। गुस्साए वकीलों ने टोल गेट पर लगे सभी बूम हटा दिए, जिससे कई घंटों तक टोल प्लाजा पूरी तरह बंद रहा और सभी वाहन बिना टोल दिए गुजरते रहे।
पुलिस की कार्रवाई से वकील नाराज
वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराएं लगाने के बजाय सिर्फ शांति भंग जैसी हल्की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने तीन आरोपियों—गोलू कुमार, रवि तोमर और लवलेश मिश्रा—को जेल भेजा है, लेकिन मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी बात को लेकर वकीलों में भारी नाराजगी है।
दो टोल कर्मी हिरासत में
गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने टोल कर्मी विश्वजीत और टोल मैनेजर जगभान सिंह ठाकुर को हिरासत में लिया। हंगामे की सूचना पर हैदरगढ़ तहसील के एसडीएम, सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विकास चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। वकीलों ने टोल मैनेजर की गिरफ्तारी और सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। एएसपी ने वकीलों को भरोसा दिलाया कि अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर टोल मैनेजर समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
किसान संगठनों का भी समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता समाज के साथ-साथ किसान संगठनों ने भी समर्थन दिया। मौके पर पहुंचे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के प्रत्याशी और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण सिंह ने कहा कि इस मामले में दोषियों को जमानत दिलाने के लिए कोई भी वकील आगे नहीं आएगा। उन्होंने सभी वकीलों से एकजुट होकर न्याय की लड़ाई लड़ने की अपील की।

