लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में तीन दिवसीय आम महोत्सव का उद्घाटन किया और किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए हर साल एक अतिरिक्त फसल उगाने की सलाह दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आम महोत्सव जैसे मंच न केवल उत्सव होते हैं, बल्कि वे खरीदारों, विक्रेताओं, वैज्ञानिकों और किसानों को आपसी लाभ के लिए ज्ञन और अनुभवों का आदान-प्रदान करने का मौका भी देते हैं।’’ उन्होंने किसानों को साल में एक अतिरिक्त फसल लेने की सलाह देते हुए कहा, ‘‘औरैया जैसे क्षेत्रों में किसान आधुनिक तरीकों से सालाना तीन फसलें आलू, मक्का और फिर धान उगा पा रहे हैं।’’ आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘एक किसान ने एक एकड़ मक्का से एक लाख रुपये का मुनाफा कमाया। यही उन्नत कृषि की ताकत है।’’
‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025’ के शुभारंभ हेतु आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रगतिशील बागवानों एवं निर्यातकों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर महोत्सव की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही आमों के निर्यात हेतु कंटेनर्स का फ्लैग ऑफ व स्मारिका का विमोचन भी हुआ।
एक किसान और बागवान… pic.twitter.com/GioeGhVhIF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 4, 2025
आधुनिक कृषि तकनीक अपना अच्छा मुनाफा कमा रहे किसान
मुख्यमंत्री ने किसानों को बागवानी और अच्छी कीमत दिलाने वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘‘खेती में प्रगति का मतलब राज्य और देश की प्रगति है। जब किसान समृद्ध होंगे, तो विकसित भारत का सपना साकार हो जाएगा।’’ आदित्यनाथ ने राज्य के भीतर कृषि उन्नति में क्षेत्रीय असमानताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाई है और वे अच्छा मुनाफा कमा रहे है, लेकिन बुंदेलखंड या पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए पहले ऐसा नहीं कहा जा सकता था।’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रमुख परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई चुनौतियों को हल करने के सरकारी प्रयासों की बदौलत यह अंतर कम हो रहा है।
सीएम ने लकड़ी देने वाले पेड़ लगाने पर विचार करने का किया आग्रह
मुख्यमंत्री ने किसानों से बागवानी और वन विभागों के सहयोग से अपने खेतों में फल, औषधीय पौधे और लकड़ी देने वाले पेड़ लगाने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘फलों के बागों के विस्तार और हर्बल और वाणिज्यिक वानिकी की खेती में निजी क्षेत्र की भागीदारी देखना उत्साहजनक है।’’ आदित्यनाथ ने महोत्सव के आयोजन के लिए बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए सुझाव दिया कि इस तरह के आयोजन राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में भी किए जाने चाहिए।

